Tuesday, September 29, 2009

शाबास ब्लॉगवाणी पसंद ... तेरे पास होगा अब निराला ढंग

गम छोड़ के मनाओ रंगरेली ...

देर आयद दुरुस्त आयद।

खुशखबरी मिल चुकी है ... ब्लॉवाणी फिर शुरू हो चुका है ...

धन्यवाद ब्लॉगवाणी!!!

ब्लॉगवाणी ने अपने प्रशंसकों और समर्थकों के अनुरोध को स्वीकार कर उनकी मनोभावनाओं का सम्मान किया इसके लिए ब्लॉगवाणी को कोटिशः धन्यवाद!

अस्थाई ब्लॉगवाणी जारी रखते हुए एक नये और बेहतर ब्लॉवाणी की शुरुवात की घोषणा बहुत ही बुद्धिमत्तापूर्ण तथा स्वागतेय कार्य है।

निकट भविष्य में होगी एक नई ब्लॉगवाणी पसंद ... जिसका होगा काम करने का निराला ढंग!

मैं ब्लॉवाणी टीम की सहनशीलता, विवेकशीलता और भलमनसाहत को नमन् करता हूँ।

6 comments:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

congratulations.

अविनाश वाचस्पति said...

ब्‍लॉगवाणी का आना
दीवाली मनाने का ढंग
अब हुआ निराला
हम दीवाली ऐसे मनायेंगे
खूब सारी पोस्‍टें लगायेंगे
और टिप्‍पणियां बांटेंगे

L.Goswami said...

मुझे खुसी है की ब्लोग्वानी वापस आ गई..धन्यवाद टीम ब्लोग्वानी ..आपने हजारों प्रशंसकों के निवेदन का मान रखा.

Meenu Khare said...

घर घर कलश सजाओ री,
मंगल गाओ री,
दीप जलाओ री ,
चौक पुराओ री ,

कोयल कूके मधुर वाणी

झूमे गाएँ सकल नर नारी
मनाओ दीवाली कि घर आई ब्लॉगवाणी...

अभिनन्दन ब्लॉगवाणी

Pt. D.K. Sharma "Vatsa" said...

बधाई जी......प्रयास रंग लाए!!!!!!

Anonymous said...

स्वागतयोग्य कदम
सोना आग में तप कर और खरा होगा

बी एस पाबला