याने कि बेनामी ने कहा ...
अरे भाई कुछ कहना है तो सामने आकर कहो! बुरका ओढ़ कर क्यों कहते हो। प्रशंसा करो, आलोचना करो, जो चाहे सो करो पर अपना परिचय देकर तो करो। जैसे हमने नामी बनकर पोस्ट लिखा है वैसे ही आप भी नामी बनकर टिप्पणी करो।
हमने पोस्ट लिखा "ये इन्द्रधनुष होगा नाम तुम्हारे........." बाकायदा अपना नाम देकर। अब किन्हीं सज्जन को हमारी यह पोस्ट बचकानी लगी। लगी तो लगी। हम रोक थोड़े ही सकते हैं बचकानी लगने से। तो पोस्ट के बचकानी लगने को उन्होंने व्यक्त किया अपनी टिप्पणी में कुछ इस तरह सेः
Anonymous said...याने कि उन्हें पोस्ट इतनी बचकानी लगी कि उन्होंने ब्लॉग का नाम ही बदल देने का सुझाव दे दिया। शायद वे विज्ञान के महारथी होंगे और उनके विचार से विज्ञान से सम्बन्धित भारी भरकम शब्दों में लिखी गई विशिष्ट जानकारी ही आनी चाहिये। शायद उनकी नजर में विज्ञान की अत्याधुनिक क्लिष्ट बाते हीं विज्ञान हैं। हम उनके विचार का सम्मान करते हैं किन्तु अपनी मन्दबुद्धि का क्या करें जो यह सोचती है कि चर्खी (Wheel), घिर्री (Pulley), धुरी (Axle) , लिव्हर (Lever), कोणीय तल (Inclined Plane), पेंच (Screw) आदि सामान्य यन्त्र भी विज्ञान के अन्तर्गत ही आते हैं और इनके विषय में भी बताया जाना चाहिये। भले ही हमारे ये पोस्ट अति विद्वान वैज्ञानिक मित्रों को बचकानी लगे किन्तु हम तो यही सोचते हैं कि बहुत से लोगों को यह पसंद ही आयेगा क्योंकि ब्लोग पढ़ने वाले सभी व्यक्ति विज्ञान के महारथी नहीं हैं, बहुत से लोग ऐसे भी हैं जिनका विषय कभी विज्ञान रहा ही नहीं है।
i think aap logon ko blog kaa naam change kar lena chaahiye.
science blogger association ki jagah " children kahani assosiation" theek rahega. haa haa haa haa......
हम तो यही बताना चाहेंगे कि हम तो पोस्ट लिखते ही रहेंगे नामी बनकर भले ही कोई उन्हें चुटकियों में उड़ाता रहे बेनामी बनकर।