यह उस व्यक्ति की कहानी हैः- 1832 में जिन्होंने अपनी नौकरी खो दी और वे राज्य विधानसभा (state legislature) में हार गये
- 1833 में जिन्हें व्यवसाय में असफलता मिली
- 1835 में जिनकी पत्नी का देहान्त हो गया
- 1836 में जिन्हें नर्व्हस ब्रेकडाउन हुआ
- 1838 में जो सदन के अध्यक्ष (Speaker of the House) का चुनाव हार गये
- 1843 में जिन्हें कांग्रेस के लिए नामांकन नहीं मिल पाया
- 1846 में जो कांग्रेस में चुने गये और 1848 में जिनका renomination खो गया
- 1849 में जिन्हें land officer के लिए अस्वीकृत कर दिया गया
- 1854 में जो अमेरिकी सीनेट के लिए हार गये
- 1856 में जो उप राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन हार गये
- 1858 में वे फिर से अमेरिकी सीनेट के लिए हार गये
- और जो 1860 में संयुक्त राज्य अमेरिका के 16 वें राष्ट्रपति चुने गए
वे थे अब्राहम लिंकन!मित्रों! अब्राहम लिंकन ने अपने जीवन की इतनी सारी असफलताओं से हार नहीं मानी, सारी बाधाओं और अवरोधों का डट कर मुकाबिला करते रहे जिसका परिणाम मिला उन्हें एक बहुत बड़ी सफलता के रूप में!
इसलिये मैं तो यही कहूँगा कि जीवन की असफलताओं से कभी हार ना मानें! यदि आप हार मान जायेंगे तो कभी भी आपको सफलता नहीं मिलेगी किन्तु यदि आप सतत् प्रयास करते रहेंगे तो आपको अपनी मंज़िल तक पहुँचने से कोई भी नहीं रोक सकता।