गूगल एडसेंस की तर्ज पर ऑनलाइन विज्ञापन करने वाली एक नई भारतीय कंपनी आई है एडमाया!
पूर्व में गूगल एडसेंस के विज्ञापन हिन्दी भाषा वाली साइट्स में दिखाये जाते थे किन्तु नवंबर 2007 से गूगल ने हिन्दी साइट्स में अपने विज्ञापन दिखाने बंद कर दिये क्योंकि हिन्दी उनकी अधिकृत भाषा की सूची में नहीं है। ऐसे में एडसेंस की ही तर्ज पर विज्ञापन दिखाने वाली नई कंपनी एडमाया का आना हिन्दी ब्लोगर्स के लिये स्वागतेय है। एडमाया विशेष तौर पर हिन्दी साइट्स के लिये ही है और हिन्दी के ब्लोग्स में अपने विज्ञापन दिखाती है। एडमाया के विज्ञापन "प्रति क्लिक भुगतान" विज्ञापन होते हैं याने कि किसी ने आपके ब्लोग पर एडमाया के विज्ञापन पर क्लिक किया और आपकी कमाई हुई!
एडमाया में अपना पंजीकरण (registration) करना बहुत ही आसान है। बस यहाँ क्लिक करके एडमाया के रजिस्ट्रेशन फॉर्म को भर दीजिये और लगभग चौबीस घंटे प्रतीक्षा कीजिये स्वीकृति मेल आने का। स्वीकृति मेल आने के बाद एडमाया में लागिन करके विज्ञापन का कोड प्राप्त करके अपने ब्लोग में उसे लगा दीजिये। बस इतना ही तो आपको करना है।
एडमाया से फिलहाल बहुत अधिक कमाई की उम्मीद तो नहीं की जा सकती क्योंकि एक तो अभी यह कंपनी एकदम नई है और इन्हें अभी सीमित संख्या में ही विज्ञापन मिला हुआ है, और दूसरे हिन्दी ब्लोग्स के पास पाठकों की कमी भी है। फिर भी कुछ भी कमाई ना होने से कुछ तो कमाई के होने को तो बेहतर ही माना जायेगा कहा भी गया है; "नहीं मामा से काना मामा अच्छा"!
और हाँ, इस बात का अवश्य ही ध्यान रखें कि एडमाया के विज्ञापन को लगाने के बाद न तो स्वयं ही अपने विज्ञापनों पर क्लिक करना है और न ही अपने परिजनों, मित्रों या परिचितों से क्लिक करवाना है। ऐसा करना वास्तव में धोखा देना है और आपके इस धोखे की पोल देर-सबेर खुल ही जाना है जो कि सोने की अंडा देने वाली मुर्गी को एक बार में ही मार डालना सिद्ध होगा।
आप एडमाया में विज्ञापनदाता के रूप में भी पंजीकरण करवा के अपने ब्लोग का विज्ञापन भी रु. के न्यूनतम दर पर कर सकते हैं!
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Thursday, July 1, 2010
Thursday, June 3, 2010
खुशखबरी... खुशखबरी... खुशखबरी... ब्लोगिंग से कमाई शुरू
आप तो जानते ही हैं कि आजकल विज्ञापन का जमाना है और आप विज्ञापन के महत्व को भी अच्छी तरह से समझते हैं। ये विज्ञापन चीज ही ऐसी है कि किसी उत्पाद को बाजार में आने के पहले ही सुपरहिट बना देती है। अच्छे से अच्छा उत्पाद विज्ञापन के अभाव में पिट जाता है और सामान्य से भी कम गुणवत्ता वाला उत्पाद विज्ञापन के बदौलत हिट हो जाता है। तो फिर आखिर अपने ब्लोग का अन्य ब्लोग में विज्ञापन करने में बुराई ही क्या है?
इसीलिये हमने निश्चय किया है कि आप हमारे पोस्टों में टिप्पणी करते हुए अपने ब्लोग का विज्ञापन कर सकते हैं, और वह भी बहुत सस्ते दर पर। विज्ञापन के दर इस प्रकार हैं:
कृपया विज्ञापन देने से पहले हमसे सम्पर्क कर लें ताकि हम आपको अग्रिम भुगतान के तरीके के विषय में बता दें।
टिप्पणी में लिंक देकर विज्ञापन के आरम्भ होने के कारण आज से टिप्पणी मॉडरेशन शुरू किया जा रहा है। विज्ञापन वाले उन्हीं टिप्पणियों को प्रकाशित किया जायेगा जिनके लिये भुगतान अग्रिम रूप से प्राप्त हो चुका रहेगा।
आप लोगों ने शायद गौर किया होगा कि आजकल यह रवैया बन गया है कि लोग पोस्ट को पढ़ें या ना पढ़ें किन्तु टिप्पणी अवश्य करते हैं। टिप्पणी कर के लिये लोग पापा, दादा, अनामी, बेनामी कुछ भी बन सकते हैं। याने कि टिप्पणी करके अपना प्रचार करना या फिर दिल की भड़ास निकालना एक शौक बन गया है। टिप्पणी करने वाले इस शौक को छोड़ कर सभी शौक को पूरा करने के लिये आखिर खर्च तो करना ही पड़ता है तो फिर टिप्पपणी वाली यह शौक ही क्यों फोकट में पूरी हो। कम से कम हमारे ब्लोग में तो यह शौक आज से फोकट में पूरा नहीं होगा। यही सोचकर हमने इस प्रकार के विज्ञापन की योजना बनाई है ताकि लोगों का शौक भी पूरा होता रहे और हमें भी कुछ आमदनी हो जाये। खैर आमदनी तो क्या होगी, क्योंकि लोगो खर्च करने का नाम सुनकर ही ऐसे गायब हो जायेंगे जैसे कि "गधे के सिर से सींग", पर हाँ अवांछित टिप्पणियों से जरूर कुछ ना कुछ छुटकारा मिल जायेगा।
इसीलिये हमने निश्चय किया है कि आप हमारे पोस्टों में टिप्पणी करते हुए अपने ब्लोग का विज्ञापन कर सकते हैं, और वह भी बहुत सस्ते दर पर। विज्ञापन के दर इस प्रकार हैं:
- बिना किसी लिंक के प्रचार वाली टिप्पणी के लिये रु.100 मात्र
- आपकी टिप्पणी में एक लिंक के लिये रु.200 मात्र
- आपकी टिप्पणी में दो लिंक के लिये रु.300 मात्र
- आपकी टिप्पणी में तीन से पाँच लिंक के लिये रु.500 मात्र
- हमारे ब्लोग के साइडबार में आपके ब्लोग का विजेट लगाने के लिये रु.2000 प्रतिमाह मात्र
कृपया विज्ञापन देने से पहले हमसे सम्पर्क कर लें ताकि हम आपको अग्रिम भुगतान के तरीके के विषय में बता दें।
टिप्पणी में लिंक देकर विज्ञापन के आरम्भ होने के कारण आज से टिप्पणी मॉडरेशन शुरू किया जा रहा है। विज्ञापन वाले उन्हीं टिप्पणियों को प्रकाशित किया जायेगा जिनके लिये भुगतान अग्रिम रूप से प्राप्त हो चुका रहेगा।
आप लोगों ने शायद गौर किया होगा कि आजकल यह रवैया बन गया है कि लोग पोस्ट को पढ़ें या ना पढ़ें किन्तु टिप्पणी अवश्य करते हैं। टिप्पणी कर के लिये लोग पापा, दादा, अनामी, बेनामी कुछ भी बन सकते हैं। याने कि टिप्पणी करके अपना प्रचार करना या फिर दिल की भड़ास निकालना एक शौक बन गया है। टिप्पणी करने वाले इस शौक को छोड़ कर सभी शौक को पूरा करने के लिये आखिर खर्च तो करना ही पड़ता है तो फिर टिप्पपणी वाली यह शौक ही क्यों फोकट में पूरी हो। कम से कम हमारे ब्लोग में तो यह शौक आज से फोकट में पूरा नहीं होगा। यही सोचकर हमने इस प्रकार के विज्ञापन की योजना बनाई है ताकि लोगों का शौक भी पूरा होता रहे और हमें भी कुछ आमदनी हो जाये। खैर आमदनी तो क्या होगी, क्योंकि लोगो खर्च करने का नाम सुनकर ही ऐसे गायब हो जायेंगे जैसे कि "गधे के सिर से सींग", पर हाँ अवांछित टिप्पणियों से जरूर कुछ ना कुछ छुटकारा मिल जायेगा।
Monday, May 31, 2010
ब्लोगिंग से कमाई तो होने से रही ... काश ज्ञानेश्वरी एक्प्रेस में ही रहे होते ...
एक आदमी वो होता है कि काल का ग्रास बन जाने जैसे हादसे का शिकार होकर भी रुपया कमा लेता है और एक हम हैं कि ब्लोगिंग कर के कुछ भी नहीं कमा सकते। दो-दो लाख रुपये मिल गये ज्ञानेश्वरी एक्प्रेस में मरने वालों के परिवार को किन्तु यदि ब्लोगिंग करते हुए यदि हम इहलोक त्याग दें तो हमारे परिवार को दो रुपये भी नसीब नहीं होगे।
हम पहले भी कई बार बता चुके हैं कि नेट की दुनिया में हम कमाई करने के उद्देश्य से ही आये थे और आज भी हमारा उद्देश्य नहीं बदला है। पर क्या करें? फँस गये हिन्दी ब्लोगिंग के चक्कर में। याने कि "आये थे हरि भजन को और ओटन लगे कपास"। इस हिन्दी ब्लोगिंग से एक रुपये की भी कमाई तो होने से रही उल्टे कभी-कभी हमारा लिखा किसी को पसन्द ना आये तो चार बातें भी सुनने को मिल जाती हैं। अब कड़ुवी बातें सुनने से किसी को खुशी तो होने से रही, कड़ुवाहट ही होती है।
हाँ ब्लोगिंग से टिप्पणियाँ अवश्य मिल जाती हैं! पर इन टिप्पणियों के मिलने से खुशी एक, और सिर्फ एक, आदमी को ही मिलती है और वो हैं हम! ये टिप्पणियाँ हमारे सिवा और किसी को भी खुशियाँ नहीं देतीं, यहाँ तक कि हमारी श्रीमती जी को भी नहीं। यदि हम श्रीमती जी को बताते हैं कि आज हमने अनुवाद करके दो हजार रुपये कमाये हैं तो वे अत्यन्त प्रसन्न हो जाती हैं किन्तु जब हम उन्हें लहक कर बताते हैं की आज हमारे पोस्ट को बहुत सारी टिप्पणियाँ मिली हैं और वह टॉप में चल रहा है तो वे मुँह फुला कर कहती हैं "तो ले आईये इन टिप्पणियों से राशन-पानी और साग-सब्जी"।
उनका मुँह फुलाना नाजायज भी नहीं है। क्योंकि ज्येष्ठ होने के नाते हमने हमेशा उनकी अपेक्षा अपने माँ-बाप और भाई-बहनों की ओर ही अधिक ध्यान दिया। कभी चार पैसे इकट्ठे हुए और सोचा कि श्रीमती जी के लिये एक नेकलेस ले दें तो पता चला कि माता जी की साँस वाली बीमारी ने फिर जोर पकड़ लिया है। उनके इलाज में वे सारे रुपये तो खत्म हो गये और ऊपर से चार-पाँच हजार की उधारी हो गई सो अलग। फिर कभी कुछ रुपये जमा हुए तो बेटे ने बाइक लेने की जिद पकड़ ली और श्रीमती जी के नेकलेस का सपना सपना ही रह गया। चाहे बहन की शादी हो या भाई-बहू का ऑपरेशन, आर्थिक जिम्मेदारी हमारे ही सिर पर आ जाती थी।कुछ कुढ़ने के बावजूद भी, भले ही बेमन से सही, वे हमारे इस कार्य में हमारा साथ देती रहीं।
आज माँ-बाप रहे नहीं और भाई-बहनों के अपने परिवार हो गये। सभी का साथ छूट गया, साथ रहा तो सिर्फ श्रीमती जी का। पर कभी भी तो उन्हें खुशी नहीं दे पाये हम। तो आज उनके मुँह फुलाने को नाजायज कैसे कहें? और आज भी हम इतने स्वार्थी हैं कि टिप्पणियाँ बटोर खुद खुश होने की सोचते हैं। पहले अपनी खुशी का खयाल आता है और बाद में उनकी खुशी का। इस हिन्दी ब्लोगिंग ने बेहद स्वार्थी बना दिया है।
इतना सब कुछ होने के बावजूद भी जब देखते हैं कि उन्हें पहले हमारी खुशी का ही ध्यान रहता है तो सोचने लगते हैं -
ब्लोगिंग से कमाई तो होने से रही ... काश ज्ञानेश्वरी एक्प्रेस में ही रहे होते ...
हम पहले भी कई बार बता चुके हैं कि नेट की दुनिया में हम कमाई करने के उद्देश्य से ही आये थे और आज भी हमारा उद्देश्य नहीं बदला है। पर क्या करें? फँस गये हिन्दी ब्लोगिंग के चक्कर में। याने कि "आये थे हरि भजन को और ओटन लगे कपास"। इस हिन्दी ब्लोगिंग से एक रुपये की भी कमाई तो होने से रही उल्टे कभी-कभी हमारा लिखा किसी को पसन्द ना आये तो चार बातें भी सुनने को मिल जाती हैं। अब कड़ुवी बातें सुनने से किसी को खुशी तो होने से रही, कड़ुवाहट ही होती है।
हाँ ब्लोगिंग से टिप्पणियाँ अवश्य मिल जाती हैं! पर इन टिप्पणियों के मिलने से खुशी एक, और सिर्फ एक, आदमी को ही मिलती है और वो हैं हम! ये टिप्पणियाँ हमारे सिवा और किसी को भी खुशियाँ नहीं देतीं, यहाँ तक कि हमारी श्रीमती जी को भी नहीं। यदि हम श्रीमती जी को बताते हैं कि आज हमने अनुवाद करके दो हजार रुपये कमाये हैं तो वे अत्यन्त प्रसन्न हो जाती हैं किन्तु जब हम उन्हें लहक कर बताते हैं की आज हमारे पोस्ट को बहुत सारी टिप्पणियाँ मिली हैं और वह टॉप में चल रहा है तो वे मुँह फुला कर कहती हैं "तो ले आईये इन टिप्पणियों से राशन-पानी और साग-सब्जी"।
उनका मुँह फुलाना नाजायज भी नहीं है। क्योंकि ज्येष्ठ होने के नाते हमने हमेशा उनकी अपेक्षा अपने माँ-बाप और भाई-बहनों की ओर ही अधिक ध्यान दिया। कभी चार पैसे इकट्ठे हुए और सोचा कि श्रीमती जी के लिये एक नेकलेस ले दें तो पता चला कि माता जी की साँस वाली बीमारी ने फिर जोर पकड़ लिया है। उनके इलाज में वे सारे रुपये तो खत्म हो गये और ऊपर से चार-पाँच हजार की उधारी हो गई सो अलग। फिर कभी कुछ रुपये जमा हुए तो बेटे ने बाइक लेने की जिद पकड़ ली और श्रीमती जी के नेकलेस का सपना सपना ही रह गया। चाहे बहन की शादी हो या भाई-बहू का ऑपरेशन, आर्थिक जिम्मेदारी हमारे ही सिर पर आ जाती थी।कुछ कुढ़ने के बावजूद भी, भले ही बेमन से सही, वे हमारे इस कार्य में हमारा साथ देती रहीं।
आज माँ-बाप रहे नहीं और भाई-बहनों के अपने परिवार हो गये। सभी का साथ छूट गया, साथ रहा तो सिर्फ श्रीमती जी का। पर कभी भी तो उन्हें खुशी नहीं दे पाये हम। तो आज उनके मुँह फुलाने को नाजायज कैसे कहें? और आज भी हम इतने स्वार्थी हैं कि टिप्पणियाँ बटोर खुद खुश होने की सोचते हैं। पहले अपनी खुशी का खयाल आता है और बाद में उनकी खुशी का। इस हिन्दी ब्लोगिंग ने बेहद स्वार्थी बना दिया है।
इतना सब कुछ होने के बावजूद भी जब देखते हैं कि उन्हें पहले हमारी खुशी का ही ध्यान रहता है तो सोचने लगते हैं -
ब्लोगिंग से कमाई तो होने से रही ... काश ज्ञानेश्वरी एक्प्रेस में ही रहे होते ...
Saturday, March 20, 2010
विज्ञापन देखकर कमाई ... पहला चेक मिला
शुक्र है कि विज्ञापन देखकर कुछ तो कमाई होने लग गई है और मेरा पहला चेक मुझे मिल चुका है। विज्ञापनदेखकर कमाई से मुझे रु.471/-. नगद राशि का चेक मिला है और रु.900/- के गिफ्ट व्हाउचर्स मिले हैं। इन गिफ्ट व्हाउचर्स के बदले में घरेलू उपयोग की वस्तुएँ खरीदी जा सकती हैं।

ऐसा जरूर लग सकता है कि विज्ञापनदेखकर कमाई की यह रकम तो "ऊँट के मुँह में जीरा" है, किन्तु "बूँद-बूँद से ही तो घड़ा भरता है"।
विज्ञापनदेखकर कमाई का अधिक से अधिक फायदा तभी मिलता है जब आप अपने रेफरल से अधिक से अधिक लोगों को सदस्य बना पायें। इसके लिये अपने ब्लोग में अपने रेफरल वाला विज्ञापन लगाना एक बहुत अच्छा उपाय है। हमने तो अपने "हिन्दी वेबसाइट" और "इंटरनेट भारत" ब्लोग्स में बाकायदा इस बारे में पोस्ट लिखे और उसे पढ़कर बहुत से लोग हमारे नीचे सदस्य बन गये। हमें मिले ये चेक और गिफ्ट व्हाउचर उसी का नतीजा है। यहाँ पर यह बात ध्यान देने योग्य है कि आपके ब्लोग के जितने अधिक पाठक होंगे उतनी ही अधिक कमाई आप की होगी।
आप लोगों में से अधिकतर लोग तो विज्ञापनदेखकर कमाई साइट के सदस्य बन ही गये होंगे, यदि नहीं बने हैं तो यहाँ क्लिक करके अब बन सकते हैं। अब देख लीजिये कि हम आपको भी अपने नीचे सदस्य बनने के लिये प्रेरित कर रहे हैं, इसी को तो इंटरनेट मार्केटिंग कहते हैं।
विज्ञापन देखकर कमाई साइट का सदस्य बनने के लिये आपको सिर्फ यह करना है -
1) यहाँ अर्थात् व्हियूबेस्टएड्स पर क्लिक करके साइट पर पहुँचें।
2) ई-मेल आईडी भरकर रजिस्टर करवायें।
3) आपके मेल बाक्स में एक मेल आयेगी, उस लिंक पर क्लिक करके कन्फ़रमेशन करें।
4) अपना सही-सही प्रोफ़ाइल पूरा भरें, ताकि यदि पैसा (चेक) मिले तो आप तक ठीक पहुँचे।
5) बस, विज्ञापन देखिये और खाते में अंक और पैसा जुड़ते देखिये (दिन में सिर्फ एक बार)
6) आप चाहें तो अपने मित्रों को अपनी लिंक फ़ारवर्ड करके उन्हें अपनी डाउनलिंक में सदस्य बनने के लिये प्रोत्साहित कर सकते हैं ताकि कुछ अंक आपके खाते में भी जुड़ें (हालांकि ऐसा कोई बन्धन नहीं है)…

ऐसा जरूर लग सकता है कि विज्ञापनदेखकर कमाई की यह रकम तो "ऊँट के मुँह में जीरा" है, किन्तु "बूँद-बूँद से ही तो घड़ा भरता है"।विज्ञापनदेखकर कमाई का अधिक से अधिक फायदा तभी मिलता है जब आप अपने रेफरल से अधिक से अधिक लोगों को सदस्य बना पायें। इसके लिये अपने ब्लोग में अपने रेफरल वाला विज्ञापन लगाना एक बहुत अच्छा उपाय है। हमने तो अपने "हिन्दी वेबसाइट" और "इंटरनेट भारत" ब्लोग्स में बाकायदा इस बारे में पोस्ट लिखे और उसे पढ़कर बहुत से लोग हमारे नीचे सदस्य बन गये। हमें मिले ये चेक और गिफ्ट व्हाउचर उसी का नतीजा है। यहाँ पर यह बात ध्यान देने योग्य है कि आपके ब्लोग के जितने अधिक पाठक होंगे उतनी ही अधिक कमाई आप की होगी।
आप लोगों में से अधिकतर लोग तो विज्ञापनदेखकर कमाई साइट के सदस्य बन ही गये होंगे, यदि नहीं बने हैं तो यहाँ क्लिक करके अब बन सकते हैं। अब देख लीजिये कि हम आपको भी अपने नीचे सदस्य बनने के लिये प्रेरित कर रहे हैं, इसी को तो इंटरनेट मार्केटिंग कहते हैं।
विज्ञापन देखकर कमाई साइट का सदस्य बनने के लिये आपको सिर्फ यह करना है -
1) यहाँ अर्थात् व्हियूबेस्टएड्स पर क्लिक करके साइट पर पहुँचें।
2) ई-मेल आईडी भरकर रजिस्टर करवायें।
3) आपके मेल बाक्स में एक मेल आयेगी, उस लिंक पर क्लिक करके कन्फ़रमेशन करें।
4) अपना सही-सही प्रोफ़ाइल पूरा भरें, ताकि यदि पैसा (चेक) मिले तो आप तक ठीक पहुँचे।
5) बस, विज्ञापन देखिये और खाते में अंक और पैसा जुड़ते देखिये (दिन में सिर्फ एक बार)
6) आप चाहें तो अपने मित्रों को अपनी लिंक फ़ारवर्ड करके उन्हें अपनी डाउनलिंक में सदस्य बनने के लिये प्रोत्साहित कर सकते हैं ताकि कुछ अंक आपके खाते में भी जुड़ें (हालांकि ऐसा कोई बन्धन नहीं है)…
Saturday, January 16, 2010
सर्वाधिक कमाई करने वाले ब्लोग्स
हिन्दी ब्लोग्स से तो फिलहाल कमाई का कुछ अवसर नजर नहीं आ रहा है किन्तु अंग्रेजी तथा अन्य भाषा के ब्लोग्स भरपूर कमाई कर रहे हैं। शायद आपको जानकर आश्चर्य होगा कि सबसे अधिक कमाई करने वाले ब्लोग की मासिक आय $200,000 प्रतिमाह है। प्रस्तुत है सबसे अधिक कमाई करने वाले 30 ब्लोग्स ब्लोग्स का विवरण सहित सूचीः
सौजन्यः http://www.incomediary.com/top-earning-blogs/
यदि अंग्रेजी तथा अन्य भाषाओं के ब्लोग्स से कमाई हो रही है तो हिन्दी के ब्लोग्स से भला कमाई क्यों नहीं हो सकती? यदि हम सभी मिलकर हिन्दी ब्लोग्स में अच्छे कंटेन्ट्स देने और हिन्दी का एक विशाल पाठक वर्ग तैयार करने के लिये ठान लें तो वह दिन दूर नहीं होगा जब कि आप अपने हिन्दी ब्लोग से कमाई कर रहे होंगे।
| Rank | Website | Owner | Monthly Earnings | Main Income |
1 | Techcrunch | Michael Arrington | $200,000 | Advertising Banners |
2 | Mashable | Pete Cashmore | $180,000 | Advertising Banners |
3 | Timothy Sykes | Timothy Sykes | $150,000 | Affiliate Sales |
4 | Perez Hilton | Mario Lavandeira | $140,000 | Advertising Banners |
5 | Gothamist | Jake Dobkin | $80,000 | Pay Per Click |
| 6 | Venture Beat | Matt Marshall | $62,000 | Pay Per Click |
| 7 | Slash Gear | Ewdison Then | $60,000 | Pay Per Click |
| 8 | Life Hacker | Nick Denton | $60,000 | Advertising Banners |
9 | Smashing Magazine | Vitaly Friedman | $58,500 | Advertising Banners |
| 10 | Tuts Plus | Collis Taeed | $55,000 | Advertising Banners |
| 11 | Dooce | Heather B. Armstrong | $50,000 | Pay Per Click |
12 | Steve Pavlina | Steve Pavlina | $45,000 | Pay Per Click |
13 | TPM | Josh Marshall | $45,000 | Pay Per Click |
14 | Car Advice | Alborz Fallah | $42,000 | Advertising Banners |
15 | Problogger | Darren Rowse | $40,000 | Advertising Banners |
16 | JohnChow | John Chow | $35,000 | Affiliate Sales |
17 | Kotaku | Nick Denton | $32,000 | Advertising Banners |
18 | Shoemoney | Jeremy Schoemaker | $30,000 | Private Advertising |
19 | Coolest Gadgets | Allan Carlton | $30,000 | Advertising Banners |
| 20 | Joystiq | AOL | $18,000 | CPM Advertising |
| 21 | PC Mech | David Risley | $16,000 | Affiliate Sales |
| 22 | Freelance Switch | Collis Ta’eed | $13,000 | Membership Area |
23 | Abduzeedo | Fabio Sasso | $11,000 | Advertising Banners |
24 | Sizlopedia | Saad Hamid | $9,000 | Pay Per Click |
25 | Retire at 21 | Michael Dunlop | $5,000 | Affiliate Sales |
26 | Noupe | Noupe | $4,930 | Advertising Banners |
27 | Uber Affiliate | Paul Bourque | $4,500 | Second Tear Affiliates |
28 | Click For Nick | Nick Skeba | $3,900 | Pay Per Click |
29 | Tyler Cruz | Tyler Cruz | $3,200 | Advertising Banners |
| 30 | Just Creative Design | Jacob Cass | $3,000 | Services |
सौजन्यः http://www.incomediary.com/top-earning-blogs/
यदि अंग्रेजी तथा अन्य भाषाओं के ब्लोग्स से कमाई हो रही है तो हिन्दी के ब्लोग्स से भला कमाई क्यों नहीं हो सकती? यदि हम सभी मिलकर हिन्दी ब्लोग्स में अच्छे कंटेन्ट्स देने और हिन्दी का एक विशाल पाठक वर्ग तैयार करने के लिये ठान लें तो वह दिन दूर नहीं होगा जब कि आप अपने हिन्दी ब्लोग से कमाई कर रहे होंगे।
Wednesday, January 6, 2010
कमाई कम हो तो काम कैसे चले?
इस हिन्दी ब्लोगिंग ने एक लंबे समय से हमारे अंग्रेजी लेखन को बिल्कुल बंद करा दिया और नतीजा यह हुआ कि हमें एडसेंस से हर महीने मिलने वाला चेक अब तीन तीन महीनों के बाद मिलने लगा याने कि कमाई कम हो गई। अब कमाई कम हो तो काम कैसे चले? इसलिये हमने सोचा कि कुछ ना कुछ तो करना ही पड़ेगा। वैसे भी नये साल में कुछ ना कुछ नया करना भी चाहिये।
तो हमने एक जुगत लगाई। दो रोज पहले अंग्रेजी का एक नया ब्लोग Indian Images बनाया। अब ये नया ब्लोग है तो अंग्रेजी का पर अंग्रेजी उसमें नाममात्र को ही है और विज्ञापन चकाचक आ रहे हैं। याने कि "हींग लगे ना फिटकरी और रंग आये चोखा"!

तो लगे हाथों आप भी जरा घूम आइये ना हमारे इस नये ब्लोग के दो चार पेजों में! आप वहाँ घूमेंगे तो ये आपकी मेहरबानी होगी हम पर क्योंकि आपके वहाँ जाने का मतलब है ट्रैफिक बढ़ना याने कि सर्च इंजिनों के नजदीक पहुँचना। यदि आप साइट और एड प्लेसमेंट के विषय में अपनी राय हमें देंगे तो और भी बड़ी मेहरबानी होगी आपकी हम पर।
चलिये अब कुछ आपके फायदे की बात भी कर लेते हैं। आप चाहें तो आप भी एडसेंस से इस प्रकार से कुछ कमाई कर सकते हैं। इसके लिये सबसे पहले तो आप जीमेल में अपना एक नया ईमेल बना लीजिये। जी हाँ, आप जीमेल में आप जितने चाहें उतने ईमेल बना सकते हैं, गूगल को इस पर कोई ऐतराज नहीं है।
अब आप अपने इस नये जीमेल वाले आईडी से ब्लोगर खाते में लागिन कीजिए। लागिन कर लेने के बाद एक नया अंग्रेजी ब्लोग बना लें। घबराइये नहीं, मैं आपको अपने अंग्रेजी ब्लोग के लिए अंग्रेजी लेख लिखने के लिए नहीं कह रहा हूँ पर आप एक दो लाइन तो अंग्रेजी लिख ही सकते हैं, एक शीर्षक तो बना ही सकते हैं। अंग्रेजी लिखने के नाम से बस आपको इतना ही करना है। बाकी काम आपके चित्र, व्हीडियो आदि के संग्रह कर देंगे। याने कि आपको अपने संग्रह के किसी चित्र, या व्हीडियो के लिए अंग्रेजी में एक फबता सा शीर्षक देना है और अपने ब्लोग में उस चित्र या व्हीडियो को पोस्ट कर देना है। हो सके तो चित्र से मेल खाता एकाध अंग्रेजी का वाक्य भी जोड़ दें, यह सोने में सुगन्ध का काम करेगा।
हाँ अंग्रेजी ब्लोग बनाने के पहले आप सुनिश्चित कर लें कि आपके ब्लोगर खाते की डिफॉल्ट भाषा अंग्रेजी ही है क्योंकि यदि यह हिन्दी होगी तो आपको एडसेंस विज्ञापन नहीं मिलेंगे। इसके लिए आप ब्लोगर खाते के डैशबोर्ड को एकदम नीचे तक स्क्रोल करें। वहाँ आपको लेंग्वेज आप्शन दिखाई देगा। उसे क्लिक करने पर आपको पता चल जायेगा कि आपका डिफॉल्ट लेंग्वेज क्या है। वहाँ यदि पहले से ही अंग्रेजी है तब तो कोई बात नहीं है और यदि वहाँ हिन्दी है तो उसे बदल कर अंग्रेजी कर लें। निश्चिंत रहिए, इससे आपके हिन्दी ब्लोग में कोई भी फर्क नहीं पड़ने वाला है।
अब यदि पहले से ही आपका एडसेंस खाता बना हुआ है तो चार पाँच पोस्ट कर लेने के बाद मोनेटाइज कर लीजिये, एडसेंस के विज्ञापन आने शुरू हो जायेंगे। और यदि अब तक आपका एडसेंस खाता नहीं खुला है तो आपको इसके लिये छः माह प्रतीक्षा करनी होगी क्योंकि एडसेंस विज्ञापन मिलने के लिये किसी भी ब्लोग को कम से कम छः माह तक सक्रिय रहना जरूरी है। तो अपने अंग्रेजी ब्लोग में रोज एक पोस्ट लगाना जारी रखें और छः महीने बाद मोनेटाइज बटन को क्लिक करें और वहाँ जो भी जानकारी मांगा जाए देते जाइये। बस आपका एडसेंस खाता खुल जायेगा।
तो हमने एक जुगत लगाई। दो रोज पहले अंग्रेजी का एक नया ब्लोग Indian Images बनाया। अब ये नया ब्लोग है तो अंग्रेजी का पर अंग्रेजी उसमें नाममात्र को ही है और विज्ञापन चकाचक आ रहे हैं। याने कि "हींग लगे ना फिटकरी और रंग आये चोखा"!

तो लगे हाथों आप भी जरा घूम आइये ना हमारे इस नये ब्लोग के दो चार पेजों में! आप वहाँ घूमेंगे तो ये आपकी मेहरबानी होगी हम पर क्योंकि आपके वहाँ जाने का मतलब है ट्रैफिक बढ़ना याने कि सर्च इंजिनों के नजदीक पहुँचना। यदि आप साइट और एड प्लेसमेंट के विषय में अपनी राय हमें देंगे तो और भी बड़ी मेहरबानी होगी आपकी हम पर।
चलिये अब कुछ आपके फायदे की बात भी कर लेते हैं। आप चाहें तो आप भी एडसेंस से इस प्रकार से कुछ कमाई कर सकते हैं। इसके लिये सबसे पहले तो आप जीमेल में अपना एक नया ईमेल बना लीजिये। जी हाँ, आप जीमेल में आप जितने चाहें उतने ईमेल बना सकते हैं, गूगल को इस पर कोई ऐतराज नहीं है।
अब आप अपने इस नये जीमेल वाले आईडी से ब्लोगर खाते में लागिन कीजिए। लागिन कर लेने के बाद एक नया अंग्रेजी ब्लोग बना लें। घबराइये नहीं, मैं आपको अपने अंग्रेजी ब्लोग के लिए अंग्रेजी लेख लिखने के लिए नहीं कह रहा हूँ पर आप एक दो लाइन तो अंग्रेजी लिख ही सकते हैं, एक शीर्षक तो बना ही सकते हैं। अंग्रेजी लिखने के नाम से बस आपको इतना ही करना है। बाकी काम आपके चित्र, व्हीडियो आदि के संग्रह कर देंगे। याने कि आपको अपने संग्रह के किसी चित्र, या व्हीडियो के लिए अंग्रेजी में एक फबता सा शीर्षक देना है और अपने ब्लोग में उस चित्र या व्हीडियो को पोस्ट कर देना है। हो सके तो चित्र से मेल खाता एकाध अंग्रेजी का वाक्य भी जोड़ दें, यह सोने में सुगन्ध का काम करेगा।
हाँ अंग्रेजी ब्लोग बनाने के पहले आप सुनिश्चित कर लें कि आपके ब्लोगर खाते की डिफॉल्ट भाषा अंग्रेजी ही है क्योंकि यदि यह हिन्दी होगी तो आपको एडसेंस विज्ञापन नहीं मिलेंगे। इसके लिए आप ब्लोगर खाते के डैशबोर्ड को एकदम नीचे तक स्क्रोल करें। वहाँ आपको लेंग्वेज आप्शन दिखाई देगा। उसे क्लिक करने पर आपको पता चल जायेगा कि आपका डिफॉल्ट लेंग्वेज क्या है। वहाँ यदि पहले से ही अंग्रेजी है तब तो कोई बात नहीं है और यदि वहाँ हिन्दी है तो उसे बदल कर अंग्रेजी कर लें। निश्चिंत रहिए, इससे आपके हिन्दी ब्लोग में कोई भी फर्क नहीं पड़ने वाला है।
अब यदि पहले से ही आपका एडसेंस खाता बना हुआ है तो चार पाँच पोस्ट कर लेने के बाद मोनेटाइज कर लीजिये, एडसेंस के विज्ञापन आने शुरू हो जायेंगे। और यदि अब तक आपका एडसेंस खाता नहीं खुला है तो आपको इसके लिये छः माह प्रतीक्षा करनी होगी क्योंकि एडसेंस विज्ञापन मिलने के लिये किसी भी ब्लोग को कम से कम छः माह तक सक्रिय रहना जरूरी है। तो अपने अंग्रेजी ब्लोग में रोज एक पोस्ट लगाना जारी रखें और छः महीने बाद मोनेटाइज बटन को क्लिक करें और वहाँ जो भी जानकारी मांगा जाए देते जाइये। बस आपका एडसेंस खाता खुल जायेगा।
Thursday, December 31, 2009
आइये कामना करें कि नया साल ब्लोगिंग से कमाई का हो
सुबह को खोजते शाम और शाम को खोजते सुबह आती रही। समय बीतता रहा और इस प्रकार से एक और साल बीत चला। आखरी दिन है इस साल का आज। देखते ही देखते रात को बारह बज जायेंगे और चला जायेगा ये साल। आ जायेगा नया साल! तो आइये कामना करें कि नया साल ब्लोगिंग से कमाई का हो।
ऐसे भी हमारे ब्लोगर मित्र हैं जिन्हें ब्लोग से कमाई की कोई चाह नहीं है, तो उनसे हम पहले ही क्षमा माँग लेते हैं। पर हम तो पहले ही बता चुके हैं कि हम नेट से कमाई के उद्देश्य से ही भटकते फिरते थे और भटकती हुई आत्मा के जैसे भटकते-भटकते आ गये हिन्दी ब्लोगिंग में। इस हिन्दी ब्लोगिंग ने हमें ऐसा जकड़ा कि अंग्रेजी में लिखना बिल्कुल छूट गया और जो थोड़ी बहुत कमाई होती थी वो भी हाथ से गई। अब गूगल के 'है बातों में दम?' प्रतियोगिता देख कर लग रहा है कि गूगल भी हिन्दी को अधिक तेजी के साथ बढ़ावा देना चाहता है। इससे उम्मीद जग रही है कि नये साल में शायद ब्लोग से कुछ कमाई का जुगाड़ हो पायेगा।
अब यदि नये साल में ब्लोग से कमाई का जुगाड़ हो भी जाता है तो भी बहुत पापड़ बेलने पड़ेंगे और बहुत ही मुश्किल से कमाई हो पायेगी क्योंकि कमाई के लिये चाहिये हजारों लाखों ही नहीं बल्कि करोड़ों पाठक। आखिर कमाई तो उन्हीं से होनी है ना! लगभग पच्चीस पाठकों में से ही कोई एक पाठक आपके ब्लोग के विज्ञापन में रुचि लेकर उसे क्लिक करता है। यदि आपके ब्लॉग को प्रतिदिन सौ लोग पढ़ते हैं तो विज्ञापन पर मात्र चार ही क्लिक होंगे। पर यदि आपके ब्लोग को प्रतिदिन दस हजार लोग पढ़ते हैं तो विज्ञापन पर क्लिक करने वालों की संख्या चार सौ होगी। इसीलिये पाठकों की संख्या बढ़ाना जरूरी है। गूगल भी हिन्दी पाठकों की संख्या बढ़ाने के लिये तेजी के साथ भिड़ा हुआ है क्योंकि उनके बिजनेस को तो पाठकों से ही चलना है।
आँकड़े बताते हैं कि भारत में लगभग पैंतालीस मिलियन याने कि चार करोड़ पचास लाख लोग इंटरनेट का प्रयोग करते हैं (देखें: 45 Million Internet Users in India)। अवश्य ही इनमें से कई करोड़ लोग हिन्दीभाषी भी होंगे। किन्तु खेद की बात है भारत में करोड़ों इंटरनेट प्रयोक्ता होने के बावजूद भी हमारे ब्लॉगों के पाठकों की संख्या नगण्य है। इन लोगों को अपने पाठक वर्ग में शामिल करना निहायत जरूरी है।
तो नये साल में हम भी लग जायें अपने पाठकों की संख्या बढ़ाने में और कामना करें कि नया साल ब्लोगिंग से कमाई का हो!
ऐसे भी हमारे ब्लोगर मित्र हैं जिन्हें ब्लोग से कमाई की कोई चाह नहीं है, तो उनसे हम पहले ही क्षमा माँग लेते हैं। पर हम तो पहले ही बता चुके हैं कि हम नेट से कमाई के उद्देश्य से ही भटकते फिरते थे और भटकती हुई आत्मा के जैसे भटकते-भटकते आ गये हिन्दी ब्लोगिंग में। इस हिन्दी ब्लोगिंग ने हमें ऐसा जकड़ा कि अंग्रेजी में लिखना बिल्कुल छूट गया और जो थोड़ी बहुत कमाई होती थी वो भी हाथ से गई। अब गूगल के 'है बातों में दम?' प्रतियोगिता देख कर लग रहा है कि गूगल भी हिन्दी को अधिक तेजी के साथ बढ़ावा देना चाहता है। इससे उम्मीद जग रही है कि नये साल में शायद ब्लोग से कुछ कमाई का जुगाड़ हो पायेगा।
अब यदि नये साल में ब्लोग से कमाई का जुगाड़ हो भी जाता है तो भी बहुत पापड़ बेलने पड़ेंगे और बहुत ही मुश्किल से कमाई हो पायेगी क्योंकि कमाई के लिये चाहिये हजारों लाखों ही नहीं बल्कि करोड़ों पाठक। आखिर कमाई तो उन्हीं से होनी है ना! लगभग पच्चीस पाठकों में से ही कोई एक पाठक आपके ब्लोग के विज्ञापन में रुचि लेकर उसे क्लिक करता है। यदि आपके ब्लॉग को प्रतिदिन सौ लोग पढ़ते हैं तो विज्ञापन पर मात्र चार ही क्लिक होंगे। पर यदि आपके ब्लोग को प्रतिदिन दस हजार लोग पढ़ते हैं तो विज्ञापन पर क्लिक करने वालों की संख्या चार सौ होगी। इसीलिये पाठकों की संख्या बढ़ाना जरूरी है। गूगल भी हिन्दी पाठकों की संख्या बढ़ाने के लिये तेजी के साथ भिड़ा हुआ है क्योंकि उनके बिजनेस को तो पाठकों से ही चलना है।
आँकड़े बताते हैं कि भारत में लगभग पैंतालीस मिलियन याने कि चार करोड़ पचास लाख लोग इंटरनेट का प्रयोग करते हैं (देखें: 45 Million Internet Users in India)। अवश्य ही इनमें से कई करोड़ लोग हिन्दीभाषी भी होंगे। किन्तु खेद की बात है भारत में करोड़ों इंटरनेट प्रयोक्ता होने के बावजूद भी हमारे ब्लॉगों के पाठकों की संख्या नगण्य है। इन लोगों को अपने पाठक वर्ग में शामिल करना निहायत जरूरी है।
तो नये साल में हम भी लग जायें अपने पाठकों की संख्या बढ़ाने में और कामना करें कि नया साल ब्लोगिंग से कमाई का हो!
Saturday, December 26, 2009
विज्ञापन दिखाकर कमाई करवाने वाली साइट्स कितनी विश्वसनीय?
इंटरनेट के प्रसार बढ़ने के साथ ही साथ विज्ञापनदाता कम्पनियों का ध्यान इंटरनेट के द्वारा विज्ञापन करने पर अधिक जाते जा रहा है। अब सवाल यह उठता है कि किसके पास इतना समय है कि नेट में विज्ञापन देखते फिरे? इसके लिये विज्ञापन एजेंसियों ने तोड़ यह निकाला कि लोगों को विज्ञापन देखने के एवज में पैसे दिये जायें। इस प्रकार से कम से कम कुछ प्रतिशत लोग नेट पर इसी बहाने विज्ञापनों को देखेंगे। इसलिये आजकल “पेड-विज्ञापन” देखो वाली साईटें आ रही हैं।
अंग्रेजी में ऐसी साइटों की भरमार है और हम ऐसी अनेक साइट्स के सदस्य भी बने किन्तु विज्ञापन देखने का भुगतान हमें आज तक नहीं मिला और हारकर हमने उधर झाँकना बंद कर दिया।
अब इसी तरह की एक भारतीय साइट भी आई है जिसका नाम है व्हियूबेस्टएड्स। जब हमें इसके विषय में पता चला तो पहले तो हम पुरानी धोखाधड़ियों को याद करके इसके सदस्य बनने के लिये हिचकिचाये किन्तु यह सोच कर कि चलो यह पहली भारतीय साइट है, इसे भी आजमा लिया जाये, हम लगभग पच्चीस दिन पहले इसके मेम्बर बन गये। हमने देखा कि इस कंपनी को होंडा, गोदरेज, फिलिप्स, बीएसएनएल आदि जैसी भारत की कई रेपुटेड कंपनियों के विज्ञापन मिल रहे हैं। इससे हमें तसल्ली मिली कि यह साइट धोखा देने वाली नहीं है। इन लगभग पच्चीस दिनों में विज्ञापन देख कर हमने लगभग पाँच सौ से कुछ अधिक रुपयों की कमाई की है और इंतजार है बारह सौ रुपये होने की ताकि हमें हमारा पहला भुगतान मिल सके।
आप भी इस साइट के मेम्बर हैं तो बहुत ही अच्छा है पर यदि आप अभी तक इस साइट का मुफ्त सदस्य नहीं बने हैं तो हम तो कहेंगे कि तड़ फड़ इस साइट का मुफ्त सदस्य बन ही जाइये! एक बार आजमाने में आखिर हर्ज ही क्या है? बस इस पोस्ट के किसी भी लिंक को क्लिक करिये पहुँच जायेंगे आप सदस्यता वाले पेज पर!
क्या है इसका फण्डा?
फ़ण्डा सीधा-सादा है, कि आपको इस वेबसाईट का सदस्य रजिस्टर होना है (बिल्कुल मुफ्त), आपको एक कन्फ़र्मेशन मेल भेजा जायेगा तथा आपका खाता खुल जायेगा (बिलकुल मुफ़्त)। यदि आपके मेलबॉक्स में कन्फर्मेशन मेल न दिखे तो स्पाम को अवश्य चेक करें। फ़िर आपको प्रतिदिन सिर्फ़ 5-6 विज्ञापन तथा 2-3 समाचार देखना है (जो कि अधिक से अधिक 5-8 मिनट का काम है), जिसके बाद आपके खाते में कुछ अंक जमा कर दिये जायेंगे, कुछ निश्चित अंकों के होने पर एक निश्चित रकम बढ़ती जायेगी, और जैसे ही आपके खाते में 1200/- रुपये की रकम एकत्रित हो जायेगी, आपसे बैंक अकाउंट नम्बर तथा पहचान पत्र (ड्रायविंग लायसेंस, पेन कार्ड आदि) लेकर “आपके नाम से” चेक बनाया जायेगा।
इस वेबसाईट द्वारा एक व्यक्ति का (घर के पते और मेल आईडी अनुसार) एक ही रजिस्ट्रेशन किया जायेगा।
जब रजिस्ट्रेशन हो जायेगा और आपका प्रोफ़ाइल पूरा अपडेट हो जायेगा तब View Ads पर क्लिक करके आपको एक-एक विज्ञापन देखना है, क्लिक करने पर एक नई विण्डो खुलेगी, जिसमें कुछ सेकण्डों का समय चलता हुआ दिखेगा, उतने सेकण्ड पश्चात जब आपके खाते में अंकों के जमा होने की सूचना झलकेगी तब वह विण्डो बन्द करके नया विज्ञापन खोल लें। ऐसा दिन में एक खाते से एक बार ही किया जा सकेगा, तथा यह कुल मिलाकर सिर्फ़ 5-7 मिनट का काम है। जब आप सारे विज्ञापन और समाचार देख लें तब फ़िर अगले दिन ही आप लॉग-इन करें। सावधानी यह रखनी है कि जब तक वह विज्ञापन पूरा खत्म न हो जाये और अंक जमा होने की सूचना न आ जाये, तब तक विज्ञापन वाली विण्डो बन्द नहीं करना है, तथा एक बार में एक ही विज्ञापन की विण्डो खोलना है, एक साथ सारे विज्ञापनों की विण्डो खोलने पर आपका अकाउंट फ़्रीज़ होने की सम्भावना है। मेरे खयाल में हम लोग नेट पर जितना समय बिताते हैं उसमें से 5-7 मिनट तो आसानी से इस काम के लिये निकाले जा सकते हैं, और जब कोई शुल्क नहीं लग रहा है तब इस पर रजिस्ट्रेशन करने में क्या बुराई है। अर्थात नुकसान तो कुछ है नहीं, “यदि” हुआ तो फ़ायदा अवश्य हो सकता है।
तो एक बार फिर बता दें कि आपको करना क्या है -
1) यहाँ अर्थात् व्हियूबेस्टएड्स पर क्लिक करके साइट पर पहुँचें।
2) ई-मेल आईडी भरकर रजिस्टर करवायें।
3) आपके मेल बाक्स में एक मेल आयेगी, उस लिंक पर क्लिक करके कन्फ़रमेशन करें। यदि आपके मेलबॉक्स में कन्फर्मेशन मेल न दिखे तो स्पाम को अवश्य चेक करें।
4) अपना सही-सही प्रोफ़ाइल पूरा भरें, ताकि यदि पैसा (चेक) मिले तो आप तक ठीक पहुँचे।
5) बस, विज्ञापन देखिये और खाते में अंक और पैसा जुड़ते देखिये (दिन में सिर्फ एक बार)
6) आप चाहें तो अपने मित्रों को अपनी लिंक फ़ारवर्ड करके उन्हें अपनी डाउनलिंक में सदस्य बनने के लिये प्रोत्साहित कर सकते हैं ताकि कुछ अंक आपके खाते में भी जुड़ें (हालांकि ऐसा कोई बन्धन नहीं है)…
यदि आपके मेलबॉक्स में कन्फर्मेशन मेल न दिखे तो स्पाम को अवश्य चेक करें।
तो सदस्य बनने के लिये क्लिक करें - व्हियूबेस्टएड्स
चलते-चलते
जब हम घर पहुँचे तो हाँफ रहे थे। श्रीमती जी ने हमें हाँफते देख कर पूछा, "क्या बात है? आप हाँफ क्यों रहे हो?"
"पाँच रुपये बचाया मैंने! आटो के पीछे दौड़ते-दौड़ते आया हूँ।" हमने बताया।
श्रीमती जी ने हमें हमारी मूर्खता बताते हुए हिकारत भरे स्वर में कहा, "अरे! बचाना ही था तो पचास रुपये बचाये होते। टैक्सी के पीछे दौड़ कर आना था।"
अंग्रेजी में ऐसी साइटों की भरमार है और हम ऐसी अनेक साइट्स के सदस्य भी बने किन्तु विज्ञापन देखने का भुगतान हमें आज तक नहीं मिला और हारकर हमने उधर झाँकना बंद कर दिया।
अब इसी तरह की एक भारतीय साइट भी आई है जिसका नाम है व्हियूबेस्टएड्स। जब हमें इसके विषय में पता चला तो पहले तो हम पुरानी धोखाधड़ियों को याद करके इसके सदस्य बनने के लिये हिचकिचाये किन्तु यह सोच कर कि चलो यह पहली भारतीय साइट है, इसे भी आजमा लिया जाये, हम लगभग पच्चीस दिन पहले इसके मेम्बर बन गये। हमने देखा कि इस कंपनी को होंडा, गोदरेज, फिलिप्स, बीएसएनएल आदि जैसी भारत की कई रेपुटेड कंपनियों के विज्ञापन मिल रहे हैं। इससे हमें तसल्ली मिली कि यह साइट धोखा देने वाली नहीं है। इन लगभग पच्चीस दिनों में विज्ञापन देख कर हमने लगभग पाँच सौ से कुछ अधिक रुपयों की कमाई की है और इंतजार है बारह सौ रुपये होने की ताकि हमें हमारा पहला भुगतान मिल सके।
आप भी इस साइट के मेम्बर हैं तो बहुत ही अच्छा है पर यदि आप अभी तक इस साइट का मुफ्त सदस्य नहीं बने हैं तो हम तो कहेंगे कि तड़ फड़ इस साइट का मुफ्त सदस्य बन ही जाइये! एक बार आजमाने में आखिर हर्ज ही क्या है? बस इस पोस्ट के किसी भी लिंक को क्लिक करिये पहुँच जायेंगे आप सदस्यता वाले पेज पर!
क्या है इसका फण्डा?
फ़ण्डा सीधा-सादा है, कि आपको इस वेबसाईट का सदस्य रजिस्टर होना है (बिल्कुल मुफ्त), आपको एक कन्फ़र्मेशन मेल भेजा जायेगा तथा आपका खाता खुल जायेगा (बिलकुल मुफ़्त)। यदि आपके मेलबॉक्स में कन्फर्मेशन मेल न दिखे तो स्पाम को अवश्य चेक करें। फ़िर आपको प्रतिदिन सिर्फ़ 5-6 विज्ञापन तथा 2-3 समाचार देखना है (जो कि अधिक से अधिक 5-8 मिनट का काम है), जिसके बाद आपके खाते में कुछ अंक जमा कर दिये जायेंगे, कुछ निश्चित अंकों के होने पर एक निश्चित रकम बढ़ती जायेगी, और जैसे ही आपके खाते में 1200/- रुपये की रकम एकत्रित हो जायेगी, आपसे बैंक अकाउंट नम्बर तथा पहचान पत्र (ड्रायविंग लायसेंस, पेन कार्ड आदि) लेकर “आपके नाम से” चेक बनाया जायेगा।
इस वेबसाईट द्वारा एक व्यक्ति का (घर के पते और मेल आईडी अनुसार) एक ही रजिस्ट्रेशन किया जायेगा।
जब रजिस्ट्रेशन हो जायेगा और आपका प्रोफ़ाइल पूरा अपडेट हो जायेगा तब View Ads पर क्लिक करके आपको एक-एक विज्ञापन देखना है, क्लिक करने पर एक नई विण्डो खुलेगी, जिसमें कुछ सेकण्डों का समय चलता हुआ दिखेगा, उतने सेकण्ड पश्चात जब आपके खाते में अंकों के जमा होने की सूचना झलकेगी तब वह विण्डो बन्द करके नया विज्ञापन खोल लें। ऐसा दिन में एक खाते से एक बार ही किया जा सकेगा, तथा यह कुल मिलाकर सिर्फ़ 5-7 मिनट का काम है। जब आप सारे विज्ञापन और समाचार देख लें तब फ़िर अगले दिन ही आप लॉग-इन करें। सावधानी यह रखनी है कि जब तक वह विज्ञापन पूरा खत्म न हो जाये और अंक जमा होने की सूचना न आ जाये, तब तक विज्ञापन वाली विण्डो बन्द नहीं करना है, तथा एक बार में एक ही विज्ञापन की विण्डो खोलना है, एक साथ सारे विज्ञापनों की विण्डो खोलने पर आपका अकाउंट फ़्रीज़ होने की सम्भावना है। मेरे खयाल में हम लोग नेट पर जितना समय बिताते हैं उसमें से 5-7 मिनट तो आसानी से इस काम के लिये निकाले जा सकते हैं, और जब कोई शुल्क नहीं लग रहा है तब इस पर रजिस्ट्रेशन करने में क्या बुराई है। अर्थात नुकसान तो कुछ है नहीं, “यदि” हुआ तो फ़ायदा अवश्य हो सकता है।
तो एक बार फिर बता दें कि आपको करना क्या है -
1) यहाँ अर्थात् व्हियूबेस्टएड्स पर क्लिक करके साइट पर पहुँचें।
2) ई-मेल आईडी भरकर रजिस्टर करवायें।
3) आपके मेल बाक्स में एक मेल आयेगी, उस लिंक पर क्लिक करके कन्फ़रमेशन करें। यदि आपके मेलबॉक्स में कन्फर्मेशन मेल न दिखे तो स्पाम को अवश्य चेक करें।
4) अपना सही-सही प्रोफ़ाइल पूरा भरें, ताकि यदि पैसा (चेक) मिले तो आप तक ठीक पहुँचे।
5) बस, विज्ञापन देखिये और खाते में अंक और पैसा जुड़ते देखिये (दिन में सिर्फ एक बार)
6) आप चाहें तो अपने मित्रों को अपनी लिंक फ़ारवर्ड करके उन्हें अपनी डाउनलिंक में सदस्य बनने के लिये प्रोत्साहित कर सकते हैं ताकि कुछ अंक आपके खाते में भी जुड़ें (हालांकि ऐसा कोई बन्धन नहीं है)…
यदि आपके मेलबॉक्स में कन्फर्मेशन मेल न दिखे तो स्पाम को अवश्य चेक करें।
तो सदस्य बनने के लिये क्लिक करें - व्हियूबेस्टएड्स
चलते-चलते
जब हम घर पहुँचे तो हाँफ रहे थे। श्रीमती जी ने हमें हाँफते देख कर पूछा, "क्या बात है? आप हाँफ क्यों रहे हो?"
"पाँच रुपये बचाया मैंने! आटो के पीछे दौड़ते-दौड़ते आया हूँ।" हमने बताया।
श्रीमती जी ने हमें हमारी मूर्खता बताते हुए हिकारत भरे स्वर में कहा, "अरे! बचाना ही था तो पचास रुपये बचाये होते। टैक्सी के पीछे दौड़ कर आना था।"
Friday, October 23, 2009
थोड़ी सी कमाई तो आप नेट में सर्च करके भी कर सकते हैं
यह कमाई नाममात्र की है, बिल्कुल थोड़ी सी, याने कि साल छः महीने में मात्र £20 की। अब कमाई तो कमाई ही होती है, भले ही नाममात्र की हो! तो मैं आपको यह बता रहा था कि थोड़ी सी कमाई तो आप नेट में सर्च करके भी कर सकते हैं। नेट में सर्च तो हम लोग प्रायः हम लोग रोज ही किया करते हैं पर यदि सर्च करने के साथ ही साथ कुछ कमाई भी हो जाए तो फिर बात ही क्या है!
यू.के. की होमपेजेस फ्रेंड्स कंपनी सर्च करने के लिए भी सर्च करने वाले को भुगतान करती है। यह कंपनी सर्च करने के लिए याहू सर्च इंजिन का प्रयोग करती है। इस कंपनी का सदस्य बन कर आप भी साल में £20 से £50 तक की कमाई कर सकते हैं। सदस्य बनने के लिए इस लिंक या नीचे के बैनर को क्लिक करें।

भुगतान £20 कमाई होने पर ही किया जाता है और राशि सीधे आपके बैंक खाते में या पेपल खाते में जमा होती है।
निम्न देशों में यह सेवा उपलब्ध नहीं हैः
United Kingdom, France, Germany, Italy, Spain, Australia, Thailand, Singapore, Indonesia, Philippines, Vietnam, Malaysia
ध्यान रखें
इस पोस्ट के सारे लिंक मेरे रेफरल लिंक्स हैं याने कि आपके सदस्य बनने पर आपकी कमाई के साथ मेरी भी कुछ कमाई हो जायेगी।
अब तक मेरी कमाई £20 नहीं पहुँचने के कारण मुझे अब तक कुछ भी भुगतान नहीं हुआ है।
यद्यपि मेरी जानकारी के अनुसार यह रेपुटेड कंपनी है और याहू जैसे विख्यात पोर्टल से जुड़ी है, फिर भी स्मरण रखना आवश्यक है कि कहा नहीं जा सकता कि नेट में कौन कब दगा दे जायेगा।
कल के खोपड़ी खपाऊ प्रश्न का उत्तरः
कल का प्रश्न थाः
आप अकेले किसी रास्ते से एक अनजान मंजिल तक जा रहे हैं। आपको बताया जाता है कि आगे जा कर यह रास्ता दो भागों मे बँट जायेगा जिसमें से एक तो आपको अपनी मंजिल तक पहुँचा सकता है और दूसरा मौत के मुँह में। याने कि एक सही रास्ता है और एक गलत। आपको यह भी बताया जाता है कि जहाँ पर रास्ता दो भागों में विभक्त होता है वहाँ पर दो आदमी दिखाई देंगे जिनमें से एक हमेशा सच बोलता है और दूसरा झूठ। सही रास्ता जानने के लिए आप उन दोनों में से किसी एक से सिर्फ एक प्रश्न पूछ सकते हैं (ध्यान रखें कि आप जिससे प्रश्न करेंगे उसके विषय में नहीं जानते कि वह सच बोलने वाला है या झूठ)।
तो क्या प्रश्न करेंगे आप?
जनाब कैरानवी जी ने कल मेरे पोस्ट प्रकाशित होने के कुछ देर बाद ही मुझे सही उत्तर मेल कर के सही उत्तर भेज दिया था जो इस प्रकार हैः
आपके प्रश्न के उत्तर में बताया जाने वाला रास्ता गलत रास्ता ही होगा। आप उस रास्ते को छोड़ कर दूसरे रास्ते में जा सकते हैं।
व्यख्याः
यदि आपने सच बोलने वाले व्यक्ति से प्रश्न किया है तो वह जानता है कि दूसरा व्यक्ति झूठ बोलता है और गलत रास्ते को ही बतायेगा, इसलिए वह भी आपको गलत रास्ते को ही बतायेगा।
और यदि आपने झूठ बोलने वाले व्यक्ति से प्रश्न किया है तो वह जानता है कि दूसरा व्यक्ति सच बोलता है और सही रास्ता बतायेगा किन्तु अपने झूठ बोलने की आदत के कारण उसके बताये जाने वाले रास्ते को न बता कर दूसरे याने कि गलत रास्ते को बतायेगा।
चलते-चलते
नई शादी के बाद और शादी के एक वर्ष बाद ... पति पत्नी संवाद ...
नई शादी के बादः
पतिः देर किस बात की है।
पत्नीः क्या तुम चाहते हो मैं चली जाऊँ?
पतिः नहीं, ऐसा तो मैं सोच भी नहीं सकता।
पत्नीः क्या तुम मुझे प्यार करते हो?
पतिः अवश्य! एक नहीं अनेकों बार!!
पत्नीः क्या तुमने मुझे कभी धोखा दिया है?
पतिः कभी नहीं! ये तो तुम अच्छी तरह से जानती हो, फिर क्यों पूछ रही हो?
पत्नीः अब क्या तुम मेरा मुख चूमोगे?
पतिः इसके लिये तो मैं तो कोई भी अवसर नहीं छोड़ने वाला।
पत्नीः क्या तुम मुझे मारोगे?
पतिः मुझे क्या पागल कुत्ते ने काटा है जो मैं ऐसा करूँगा?
पत्नीः क्या तुम मुझ पर विश्वास करते हो?
पतिः हाँ!
पत्नीः ओ डार्लिंग!!!
शादी के एक वर्ष के बाद के लिये कृपया नीचे से ऊपर पढ़ें।
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"संक्षिप्त वाल्मीकि रामायण" का अगला पोस्टः
यू.के. की होमपेजेस फ्रेंड्स कंपनी सर्च करने के लिए भी सर्च करने वाले को भुगतान करती है। यह कंपनी सर्च करने के लिए याहू सर्च इंजिन का प्रयोग करती है। इस कंपनी का सदस्य बन कर आप भी साल में £20 से £50 तक की कमाई कर सकते हैं। सदस्य बनने के लिए इस लिंक या नीचे के बैनर को क्लिक करें।
भुगतान £20 कमाई होने पर ही किया जाता है और राशि सीधे आपके बैंक खाते में या पेपल खाते में जमा होती है।
निम्न देशों में यह सेवा उपलब्ध नहीं हैः
United Kingdom, France, Germany, Italy, Spain, Australia, Thailand, Singapore, Indonesia, Philippines, Vietnam, Malaysia
ध्यान रखें
इस पोस्ट के सारे लिंक मेरे रेफरल लिंक्स हैं याने कि आपके सदस्य बनने पर आपकी कमाई के साथ मेरी भी कुछ कमाई हो जायेगी।
अब तक मेरी कमाई £20 नहीं पहुँचने के कारण मुझे अब तक कुछ भी भुगतान नहीं हुआ है।
यद्यपि मेरी जानकारी के अनुसार यह रेपुटेड कंपनी है और याहू जैसे विख्यात पोर्टल से जुड़ी है, फिर भी स्मरण रखना आवश्यक है कि कहा नहीं जा सकता कि नेट में कौन कब दगा दे जायेगा।
कल के खोपड़ी खपाऊ प्रश्न का उत्तरः
कल का प्रश्न थाः
आप अकेले किसी रास्ते से एक अनजान मंजिल तक जा रहे हैं। आपको बताया जाता है कि आगे जा कर यह रास्ता दो भागों मे बँट जायेगा जिसमें से एक तो आपको अपनी मंजिल तक पहुँचा सकता है और दूसरा मौत के मुँह में। याने कि एक सही रास्ता है और एक गलत। आपको यह भी बताया जाता है कि जहाँ पर रास्ता दो भागों में विभक्त होता है वहाँ पर दो आदमी दिखाई देंगे जिनमें से एक हमेशा सच बोलता है और दूसरा झूठ। सही रास्ता जानने के लिए आप उन दोनों में से किसी एक से सिर्फ एक प्रश्न पूछ सकते हैं (ध्यान रखें कि आप जिससे प्रश्न करेंगे उसके विषय में नहीं जानते कि वह सच बोलने वाला है या झूठ)।
तो क्या प्रश्न करेंगे आप?
जनाब कैरानवी जी ने कल मेरे पोस्ट प्रकाशित होने के कुछ देर बाद ही मुझे सही उत्तर मेल कर के सही उत्तर भेज दिया था जो इस प्रकार हैः
चलते चलते का जवाब इधर दे रहा हूं, कि उधर देता तो पोस्ट आपका मजा खराब होजाता, शायदबाद में आशीष श्रीवास्तव जी ने भी सही जवाब दियाः
वह सवाल यूं था कि दो दरवाजों पर दो पहरेदार खडे हैं एक सच्चा एक झूठा आपको नहीं पता कि उनमें कौनसा सच्चा कौन कौन सा झूठा है,
उनसे आपको एक सवाल करना है जिससे सी दरवाजे का आपको पता लग जाये,
सवाल एक पहरेदार से किजियेः ''पहरेदार भाई यह बताओ अगर में दूसरे पहरेदार से पूछूं कि मुझे किस दरवाजे से जाना है तो वह क्या कहेगा''
उसका जो भी जवाब हो उससे उलटे यानी दूसरे दरवाजे में आप जा सकते हैं,
क्यूंकि अगर वह झूठा है तो वह जानता है कि दूसरा सच्चा है वह सच दरवाजा बता देगा, इस लिये वह गलत दरवाजा बतायेगा
क्यंकि अगर वह सच्चा है तो वह जानता है दूसरा झूठा है इस लिये वह गलत दरवाज बतायेगा तो यह गलत दरवाजा ही बतायेगा
इन सब से यह अर्थ निकलता है कि जो आप उपरोक्त से सवाल करेंगे जिस दरवाजे में जाने को कहा जाये उसमें ना जाकर दूसरे दरवाजे में जाया जाये,
हम पुछेँगे कि यदि मै दूसरे व्यक्ति से पुछूँ की मौत का रास्ता कौनसा है तो वह कौनसा रास्ता बतायेगा? जो भी रास्ता बताया जायेगा उसके उल्टे रास्ते पर चल देँगे!जी हाँ, दोनों व्यक्तियों में से किसी भी एक से आपका प्रश्न यही होगा कि 'दूसरे व्यक्ति से सही रास्ता पूछने पर वह किस रास्ते को बताएगा?'
सच बोलने वाला जो रास्ता बातायेगा वह गलत होगा क्योँकि वह सच बोल रहा है| सत्यवादी असत्यवादी का उतर वैसे ही बतायेगा जो गलत होगा|
झूठ बोलने वाला जो रास्ता बतायेगा वह गलत होगा क्योँकि वह झूठ बोल रहा है| असत्यवादी सत्यवादी के उत्तर को उल्टा कर के बतायेगा जो गलत ही होगा|
आपके प्रश्न के उत्तर में बताया जाने वाला रास्ता गलत रास्ता ही होगा। आप उस रास्ते को छोड़ कर दूसरे रास्ते में जा सकते हैं।
व्यख्याः
यदि आपने सच बोलने वाले व्यक्ति से प्रश्न किया है तो वह जानता है कि दूसरा व्यक्ति झूठ बोलता है और गलत रास्ते को ही बतायेगा, इसलिए वह भी आपको गलत रास्ते को ही बतायेगा।
और यदि आपने झूठ बोलने वाले व्यक्ति से प्रश्न किया है तो वह जानता है कि दूसरा व्यक्ति सच बोलता है और सही रास्ता बतायेगा किन्तु अपने झूठ बोलने की आदत के कारण उसके बताये जाने वाले रास्ते को न बता कर दूसरे याने कि गलत रास्ते को बतायेगा।
चलते-चलते
नई शादी के बाद और शादी के एक वर्ष बाद ... पति पत्नी संवाद ...
नई शादी के बादः
पतिः देर किस बात की है।
पत्नीः क्या तुम चाहते हो मैं चली जाऊँ?
पतिः नहीं, ऐसा तो मैं सोच भी नहीं सकता।
पत्नीः क्या तुम मुझे प्यार करते हो?
पतिः अवश्य! एक नहीं अनेकों बार!!
पत्नीः क्या तुमने मुझे कभी धोखा दिया है?
पतिः कभी नहीं! ये तो तुम अच्छी तरह से जानती हो, फिर क्यों पूछ रही हो?
पत्नीः अब क्या तुम मेरा मुख चूमोगे?
पतिः इसके लिये तो मैं तो कोई भी अवसर नहीं छोड़ने वाला।
पत्नीः क्या तुम मुझे मारोगे?
पतिः मुझे क्या पागल कुत्ते ने काटा है जो मैं ऐसा करूँगा?
पत्नीः क्या तुम मुझ पर विश्वास करते हो?
पतिः हाँ!
पत्नीः ओ डार्लिंग!!!
शादी के एक वर्ष के बाद के लिये कृपया नीचे से ऊपर पढ़ें।
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"संक्षिप्त वाल्मीकि रामायण" का अगला पोस्टः
कैकेयी कोपभवन में - अयोध्याकाण्ड (3)
Friday, September 11, 2009
गूगल एडसेंस से कमाई - विज्ञापनों पर क्लिकयाने कौन आयेगा?
कल गूगल एडसेंस से कमाई से सम्बन्धित मेरे पोस्ट में घोस्ट बस्टर जी अपनी टिप्पणी में लिखते हैं:
हम लोगों में से शायद ही कोई ऐसा हो जो कि कभी भी किसी अंग्रेजी ब्लोग में न गया हो याने कि हम सभी कभी न कभी किसी न किसी अंग्रेजी ब्लोग में जा चुके हैं। अब अंग्रेजी ब्लोग्स के लिए हमारे पास कोई एग्रीगेटर तो है नहीं जो देखा कि आज किसने क्या लिखा है और पहुँच गए अपनी मनपसंद ब्लॉग में। तो जरा सोचिए कि हम किसी ब्लोग में कैसे जाते हैं? सीधा सा उत्तर है कि हम कुछ सर्च करते हैं और सर्च रिजल्ट में बताए गये ब्लोग या वेबसाइट में पहुँच जाते हैं। सही कह रहा हूँ ना? यह हो सकता है कि आप किसी और तरीके से किसी अंग्रेजी ब्लोग में गए हों पर अधिकतर लोग किस ब्लोग या वेबसाइट में सर्च करके ही जाते हैं।
तो अपना अंग्रेजी ब्लोग बना लेने के बाद हमें कुछ ऐसा करना होगा कि हमारा अंग्रेजी ब्लोग सर्च इंजिन में इंडेक्स हो जाए याने कि दिखने लगे और न सिर्फ दिखने लगे बल्कि पहले पेज में दिखने लगे। सर्च इंजिन में अपने ब्लोग को इंडेक्सिंग कराने के लिए हमें कुछ पापड़ बेलने होते हैं जिसे कि S.E.O. (Search Engine Optimazation) कहा जाता है। यदि सही तरह से S.E.O. किया जाए तो आपका ब्लोग या वेबसाइट अवश्य ही सर्च इंजिन के पहले पेज में दिखाई देने लगेगा। उदाहरण के लिए आप गूगल सर्च के सर्च बॉक्स में hindi website लिख कर सर्च कर देख सकते हैं, नीचे स्क्रीनशॉट देखें:
और आपको यह बताने में प्रसन्नता के साथ साथ गर्व का भी अनुभव होता है कि उपरोक्त परिणाम में पहला वेबसाइट मेरा ही हिन्दी वेबसाइट है। तो यदि यह काम मैं कर सकता हूँ तो आप क्यों नहीं कर सकते? आप भी जरूर कर सकते हैं। बस जरूरत है तो लगन और मेहनत की। यदि कोई कठिनाई आती है तो आपकी सहायता के लिए मैं तो हाजिर हूँ ही।
यदि आप लोग और अधिक रुचि दिखायेंगे तो इस विषय में मैं आगे पोस्ट लिखना जारी रखूँगा।
दूसरे चलिये मान भी लिया कि किसी जुगाड़-तुगाड़ से कबाड़ भी लिये विज्ञापन, तो उनपर क्लिकयाने कौन आयेगा? यहां तो सभी ब्लॉगर ही हैं, पाठक नहीं. और जब सभी दुकानों पर एक ही माल मिले तो दूसरे की दुकान से कौन खरीदेगा? अपनी घ्रर की दुकान से ही खरीदेगा ना.यह वास्तव में लाख रुपये का प्रश्न है। देखा जाए तो अपना ब्लोग बन जाने के बाद दो बड़ी समस्याएँ आती हैं पहला रोज रोज क्या पोस्ट करें और दूसरा अपने ब्लोग के लिए व्हिजिटर्स कहाँ से पायें। क्योंकि दूसरी समस्या के लिए प्रश्न आ चुका है इसलिए मैं दूसरी समस्या पर पहले चर्चा करता हूँ।
हम लोगों में से शायद ही कोई ऐसा हो जो कि कभी भी किसी अंग्रेजी ब्लोग में न गया हो याने कि हम सभी कभी न कभी किसी न किसी अंग्रेजी ब्लोग में जा चुके हैं। अब अंग्रेजी ब्लोग्स के लिए हमारे पास कोई एग्रीगेटर तो है नहीं जो देखा कि आज किसने क्या लिखा है और पहुँच गए अपनी मनपसंद ब्लॉग में। तो जरा सोचिए कि हम किसी ब्लोग में कैसे जाते हैं? सीधा सा उत्तर है कि हम कुछ सर्च करते हैं और सर्च रिजल्ट में बताए गये ब्लोग या वेबसाइट में पहुँच जाते हैं। सही कह रहा हूँ ना? यह हो सकता है कि आप किसी और तरीके से किसी अंग्रेजी ब्लोग में गए हों पर अधिकतर लोग किस ब्लोग या वेबसाइट में सर्च करके ही जाते हैं।
तो अपना अंग्रेजी ब्लोग बना लेने के बाद हमें कुछ ऐसा करना होगा कि हमारा अंग्रेजी ब्लोग सर्च इंजिन में इंडेक्स हो जाए याने कि दिखने लगे और न सिर्फ दिखने लगे बल्कि पहले पेज में दिखने लगे। सर्च इंजिन में अपने ब्लोग को इंडेक्सिंग कराने के लिए हमें कुछ पापड़ बेलने होते हैं जिसे कि S.E.O. (Search Engine Optimazation) कहा जाता है। यदि सही तरह से S.E.O. किया जाए तो आपका ब्लोग या वेबसाइट अवश्य ही सर्च इंजिन के पहले पेज में दिखाई देने लगेगा। उदाहरण के लिए आप गूगल सर्च के सर्च बॉक्स में hindi website लिख कर सर्च कर देख सकते हैं, नीचे स्क्रीनशॉट देखें:
और आपको यह बताने में प्रसन्नता के साथ साथ गर्व का भी अनुभव होता है कि उपरोक्त परिणाम में पहला वेबसाइट मेरा ही हिन्दी वेबसाइट है। तो यदि यह काम मैं कर सकता हूँ तो आप क्यों नहीं कर सकते? आप भी जरूर कर सकते हैं। बस जरूरत है तो लगन और मेहनत की। यदि कोई कठिनाई आती है तो आपकी सहायता के लिए मैं तो हाजिर हूँ ही।यदि आप लोग और अधिक रुचि दिखायेंगे तो इस विषय में मैं आगे पोस्ट लिखना जारी रखूँगा।
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Thursday, September 10, 2009
चलिए मैं बताता हूँ तरीका गूगल एडसेंस से कुछ कमाई करने का
हिन्दी ब्लोग्स में तो फिलहाल गूगल एडसेंस के विज्ञापन नहीं आ रहे हैं। यद्यपि गूगल हिन्दी ब्लोग्स में विज्ञापन लाने के लिए जोरों से प्रयास में लगा हुआ है फिर भी अभी कहा नहीं जा सकता कि हिन्दी ब्लोग्स में एडसेंस विज्ञापन आने में कितना समय लग जायेगा। तो फिर एडसेंस से कमाई करने के लिए क्या किया जाए?
करना यह है कि अपना एक अंग्रेजी ब्लोग बनाना है। अब आप या तो इतना पढ़ते ही मेरे इस ब्लोग को तत्काल बंद कर देंगे या फिर कहेंगे कि भाई, हमें तो जान पर आती है अंग्रेजी के लेख लिखने में या हम तो अंग्रेजी में लेख लिख ही नहीं सकते या हमें तो अंग्रेजी आती ही नहीं।
देखिये, मैं आपको अपने अंग्रेजी ब्लोग के लिए अंग्रेजी लेख लिखने के लिए नहीं कह रहा हूँ पर आप एक दो लाइन तो अंग्रेजी लिख ही सकते हैं, एक शीर्षक तो बना ही सकते हैं। अंग्रेजी लिखने के नाम से बस आपको इतना ही करना है। बाकी काम आपके चित्र, व्हीडियो आदि के संग्रह कर देंगे। याने कि आपको अपने संग्रह के किसी चित्र, या व्हीडियो के लिए अंग्रेजी में एक फबता सा शीर्षक देना है और अपने ब्लोग में उस चित्र या व्हीडियो को पोस्ट कर देना है। हो सके तो चित्र से मेल खाता एकाध अंग्रेजी का वाक्य भी जोड़ दें, यह सोने में सुगन्ध का काम करेगा। आप चाहें तो आपके मोबाइल में आने वाले अच्छे अच्छे एसएमएस को भी अपने अंग्रेजी ब्लोग में पोस्ट कर सकते हैं।
उदाहरण के लिए मेरे इस अंग्रेजी ब्लोग को देख लें http://indianfunnystuff.blogspot.com/
मेरे उपरोक्त ब्लोग को देख लेने के बाद यदि आपको लगता है कि आप भी इस प्रकार का अंग्रेजी ब्लोग बना सकते हैं तो आइये आगे बढ़ें।
सबसे पहले तो आप अपने ब्लोगर खाते में लागिन कीजिए। वैसे तो आपको एक नया ब्लोग बनाना है पर उसके पहले आप सुनिश्चित कर लें कि आपके ब्लोगर खाते की डिफॉल्ट भाषा अंग्रेजी ही है क्योंकि यदि यह हिन्दी होगी तो आपको एडसेंस विज्ञापन नहीं मिलेंगे। इसके लिए आप ब्लोगर खाते के डैशबोर्ड को एकदम नीचे तक स्क्रोल करें। वहाँ आपको लेंग्वेज आप्शन दिखाई देगा। उसे क्लिक करने पर आपको निम्न स्क्रीन नजर आयेगा।
वहाँ यदि पहले से ही अंग्रेजी है तब तो कोई बात नहीं है और यदि वहाँ हिन्दी है तो उसे बदल कर अंग्रेजी कर लें। निश्चिंत रहिए, इससे आपके हिन्दी ब्लोग में कोई भी फर्क नहीं पड़ने वाला है।
इतना करने के बाद अब आप एक नया ब्लोग बना लें जो कि आपका अंग्रेजी ब्लोग होगा।
अपने इस नये अंग्रेजी ब्लोग में कुछ भी पोस्ट करने के पहले आप सेटिंग्स में जाइये और उसके बेसिक सेक्शन को क्लिक करके नीचे तक स्क्रोल करें। वहाँ आपको "इनेबल ट्रांसिलिटेरेशन" आप्शन दिखाई देगा। आप इसे अक्षम अर्थात् डिसएबल कर दीजिए। यदि यह सक्षम रहेगा तो आपके अंग्रेजी में टाइप करने पर वह उसको हिन्दी करता चला जायेगा।
अब आपको अपने इस नये अंग्रेजी ब्लोग में पोस्टिंग करना है। तो अपने संग्रह से ताबड़तोड़ आठ दस चित्र, व्हीडियो आदि चुन लीजिए और एक के बाद एक एक पोस्ट करते जाइए। पहले दिन कम से कम दस पोस्ट कर सकें तो बहुत ही बेहतर होगा। बाद में एक हफ्ते तक रोजाना तीन से पाँच पोस्ट करें। शुरू शुरू के इन पोस्ट (लगभग 30-40 पोस्ट) में आप चित्र या व्हीडियो के गुणवत्ता पर कुछ भी ध्यान न दें क्योंकि ये पोस्ट ब्लोग महासागर के गर्त में चले जाने वाले हैं और इन्हें सिवाय आपके कोई भी सजीव प्राणी देखने वाला नहीं है। हाँ इन पोस्ट्स को सर्च इंजिन्स अवश्य देखेंगे और आपके ब्लोग की सर्च इंजन्स में इंडेक्सिंग होना शुरू हो जायेगा। चित्र और व्हीडियो आप फ्लिकर और यूट्यूब साइट्स से भी ले सकते हैं। आप चाहें तो कोई अच्छा सा मुफ्त टेम्प्लेट ढूंढ कर अपने ब्लोग को सजा सँवार भी सकते हैं।
चलिए आपका अंग्रेजी ब्लोग तो बन गया अब एडसेंस की चर्चा करते हैं। अपने इस ब्लोग में एडसेंस के विज्ञापन लाने के लिए अब आप अपने ब्लोगर खाते के मोनेटाइज़ याने कि धनार्जन को क्लिक करें और वहाँ जो भी जानकारी मांगा जाए देते जाइये। यदि आपका पहले से ही एडसेंस खाता है तो आपके ब्लोग में विज्ञापन आने शुरू हो जायेंगे और यदि आपका एडसेंस खाता नहीं है तो गूगल आपका खाता खोलने में खुद ही भिड़ जायेगा।
आज इस चर्चा को यहीं विराम देते हैं। यदि आप लोगों को अंग्रेजी ब्लोग का आइडिया पसंद आयेगा तो आगे की चर्चा कल करेंगे।
करना यह है कि अपना एक अंग्रेजी ब्लोग बनाना है। अब आप या तो इतना पढ़ते ही मेरे इस ब्लोग को तत्काल बंद कर देंगे या फिर कहेंगे कि भाई, हमें तो जान पर आती है अंग्रेजी के लेख लिखने में या हम तो अंग्रेजी में लेख लिख ही नहीं सकते या हमें तो अंग्रेजी आती ही नहीं।
देखिये, मैं आपको अपने अंग्रेजी ब्लोग के लिए अंग्रेजी लेख लिखने के लिए नहीं कह रहा हूँ पर आप एक दो लाइन तो अंग्रेजी लिख ही सकते हैं, एक शीर्षक तो बना ही सकते हैं। अंग्रेजी लिखने के नाम से बस आपको इतना ही करना है। बाकी काम आपके चित्र, व्हीडियो आदि के संग्रह कर देंगे। याने कि आपको अपने संग्रह के किसी चित्र, या व्हीडियो के लिए अंग्रेजी में एक फबता सा शीर्षक देना है और अपने ब्लोग में उस चित्र या व्हीडियो को पोस्ट कर देना है। हो सके तो चित्र से मेल खाता एकाध अंग्रेजी का वाक्य भी जोड़ दें, यह सोने में सुगन्ध का काम करेगा। आप चाहें तो आपके मोबाइल में आने वाले अच्छे अच्छे एसएमएस को भी अपने अंग्रेजी ब्लोग में पोस्ट कर सकते हैं।
उदाहरण के लिए मेरे इस अंग्रेजी ब्लोग को देख लें http://indianfunnystuff.blogspot.com/
मेरे उपरोक्त ब्लोग को देख लेने के बाद यदि आपको लगता है कि आप भी इस प्रकार का अंग्रेजी ब्लोग बना सकते हैं तो आइये आगे बढ़ें।
सबसे पहले तो आप अपने ब्लोगर खाते में लागिन कीजिए। वैसे तो आपको एक नया ब्लोग बनाना है पर उसके पहले आप सुनिश्चित कर लें कि आपके ब्लोगर खाते की डिफॉल्ट भाषा अंग्रेजी ही है क्योंकि यदि यह हिन्दी होगी तो आपको एडसेंस विज्ञापन नहीं मिलेंगे। इसके लिए आप ब्लोगर खाते के डैशबोर्ड को एकदम नीचे तक स्क्रोल करें। वहाँ आपको लेंग्वेज आप्शन दिखाई देगा। उसे क्लिक करने पर आपको निम्न स्क्रीन नजर आयेगा।
वहाँ यदि पहले से ही अंग्रेजी है तब तो कोई बात नहीं है और यदि वहाँ हिन्दी है तो उसे बदल कर अंग्रेजी कर लें। निश्चिंत रहिए, इससे आपके हिन्दी ब्लोग में कोई भी फर्क नहीं पड़ने वाला है।इतना करने के बाद अब आप एक नया ब्लोग बना लें जो कि आपका अंग्रेजी ब्लोग होगा।
अपने इस नये अंग्रेजी ब्लोग में कुछ भी पोस्ट करने के पहले आप सेटिंग्स में जाइये और उसके बेसिक सेक्शन को क्लिक करके नीचे तक स्क्रोल करें। वहाँ आपको "इनेबल ट्रांसिलिटेरेशन" आप्शन दिखाई देगा। आप इसे अक्षम अर्थात् डिसएबल कर दीजिए। यदि यह सक्षम रहेगा तो आपके अंग्रेजी में टाइप करने पर वह उसको हिन्दी करता चला जायेगा।
अब आपको अपने इस नये अंग्रेजी ब्लोग में पोस्टिंग करना है। तो अपने संग्रह से ताबड़तोड़ आठ दस चित्र, व्हीडियो आदि चुन लीजिए और एक के बाद एक एक पोस्ट करते जाइए। पहले दिन कम से कम दस पोस्ट कर सकें तो बहुत ही बेहतर होगा। बाद में एक हफ्ते तक रोजाना तीन से पाँच पोस्ट करें। शुरू शुरू के इन पोस्ट (लगभग 30-40 पोस्ट) में आप चित्र या व्हीडियो के गुणवत्ता पर कुछ भी ध्यान न दें क्योंकि ये पोस्ट ब्लोग महासागर के गर्त में चले जाने वाले हैं और इन्हें सिवाय आपके कोई भी सजीव प्राणी देखने वाला नहीं है। हाँ इन पोस्ट्स को सर्च इंजिन्स अवश्य देखेंगे और आपके ब्लोग की सर्च इंजन्स में इंडेक्सिंग होना शुरू हो जायेगा। चित्र और व्हीडियो आप फ्लिकर और यूट्यूब साइट्स से भी ले सकते हैं। आप चाहें तो कोई अच्छा सा मुफ्त टेम्प्लेट ढूंढ कर अपने ब्लोग को सजा सँवार भी सकते हैं।चलिए आपका अंग्रेजी ब्लोग तो बन गया अब एडसेंस की चर्चा करते हैं। अपने इस ब्लोग में एडसेंस के विज्ञापन लाने के लिए अब आप अपने ब्लोगर खाते के मोनेटाइज़ याने कि धनार्जन को क्लिक करें और वहाँ जो भी जानकारी मांगा जाए देते जाइये। यदि आपका पहले से ही एडसेंस खाता है तो आपके ब्लोग में विज्ञापन आने शुरू हो जायेंगे और यदि आपका एडसेंस खाता नहीं है तो गूगल आपका खाता खोलने में खुद ही भिड़ जायेगा।
आज इस चर्चा को यहीं विराम देते हैं। यदि आप लोगों को अंग्रेजी ब्लोग का आइडिया पसंद आयेगा तो आगे की चर्चा कल करेंगे।
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